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लीग चरण के आखिरी मुकाबले में हुई मांकडिंग की यह घटना अब सुर्खियों में है। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं। वह ऋषभ पंत के रन आउट की अपील को वापस लेने के फैसले से खुश नहीं हैं। अश्विन ने कहा कि यह गेंदबाज का अपमान है। पंत को अपने गेंदबाज का समर्थन करना चाहिए था
आईपीएल 2025 का आखिरी लीग मैच रोमांच से भरपूर रहा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने लखनऊ सुपर जाएंट्स (एलएसजी) को छह विकेट से हराकर क्वालिफायर-1 में प्रवेश कर लिया। इस मैच से जुड़ी एक घटना अब चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, दिग्वेश राठी ने जितेश शर्मा को रनआउट करने के लिए अपील की थी, जिसे थर्ड अंपायर ने खारिज कर दिया था। बाद में पंत ने भी अपील वापस ले ली थी। अब इस मु्द्दे पर पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का बयान आया है।
क्या है मामला?
यह घटना आरसीबी की पारी के 17वें ओवर की है। जितेश उस वक्त नॉन स्ट्राइकर छोर पर थे। वह क्रीज से बाहर निकल चुके थे, तभी दिग्वेश ने गिल्लियां हटा दीं। रिप्ले में दिखा कि बल्लेबाज क्रीज के बाहर था लेकिन फैसला खारिज कर दिया गया क्योंकि गेंदबाज (दिग्वेश) ने अपनी 'डिलीवरी स्ट्राइड' पूरी कर ली थी। लेकिन जब यह सब हो रहा था, तब पंत ने अपील वापस ले ली जिसके बाद जितेश ने साथी विकेटकीपर-बल्लेबाज को गले लगा लिया। आरसीबी ने यह मैच छह विकेट से जीत लिया।
पंत ने किया दिग्वेश का अपमान: अश्विन
इस दौरान अश्विन ने कहा कि पंत ने दिग्वेश का अपमान किया। उन्होंने खुलकर गेंदबाज के फैसले का समर्थन किया। पूर्व स्पिनर ने आगे कहा, 'मैं एक सवाल पूछ रहा हूं। इसके बारे में सोचो। जो कोई भी इस वीडियो को देख रहा है। दिग्वेश राठी के कप्तान ने करोड़ों लोगों के सामने उनके फैसले की आलोचना की। देखिए कप्तान का काम अपने खिलाड़ी का समर्थन करना है। ठीक है? कप्तान का काम गेंदबाज को छोटा महसूस कराना नहीं है। अपील वापस लेने का फैसला करने पर, उसे यह पहले ही कर लेना चाहिए था। हमें नहीं पता कि उसने पहले ही उससे बात की है या नहीं। लेकिन आइए करोड़ों लोगों के सामने उस युवा खिलाड़ी की निंदा करना बंद करें। क्या हम किसी और के साथ ऐसा करते हैं? एक गेंदबाज छोटा क्यों दिखता है? यह वास्तव में अपमान है।'